मै जानती हूँ मुझमें
गुस्सा थोड़ा ज्यादा है
पर मै दिल की बुरी हूँ
जरूरी तो नहीं…..
बड़ो के आगे झुकना चाहिए
पर हमेशा मैं ही झुकूं
ये जरूरी तो नहीं….
आग दिल में लिये कोई आये
मै शीतल मस्तक ही रखूँ
जरूरी तो नहीं….
बड़े सही होते हैं मानती हूँ
पर हमेशा मैं ही गलत हूँ
ये जरूरी तो नहीं…
रिश्तों में सहजता जरूरी है
पर मैं ही हमेशा अपना
स्वाभिमान गिराऊँ
ये जरूरी तो नहीं….
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