जलन

नारी के अनेक रुप मिले।
इसलिए पुरुष नारी से जले।।

Comments

6 responses to “जलन”

  1. वाह क्या बात है

  2. ऐसा क्या?

  3. जलन की भावना क्यू पले
    दोनों एक-दूजे के सहयोगी भले।

  4. पुरुष नारी से जले
    नारी पुरुष से जले।
    बस भिड़ते-रहे नारी पुरुष ,
    इतनी जलन में कैसे प्रकृति चले।

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