नारी के अनेक रुप मिले।
इसलिए पुरुष नारी से जले।।
जलन
Comments
6 responses to “जलन”
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वाह क्या बात है
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बहुत खूब
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ऐसा क्या?
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वाह
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जलन की भावना क्यू पले
दोनों एक-दूजे के सहयोगी भले। -

पुरुष नारी से जले
नारी पुरुष से जले।
बस भिड़ते-रहे नारी पुरुष ,
इतनी जलन में कैसे प्रकृति चले।
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