//ग़ज़ल//
जवां धडकनो को धड़कने दो यारों।
जरा आशिकी औऱ बढ़ने दो यारों।१
महकता रहे गुल चमन प्यार का ही,
फि़जा रुत सुहानी बहकने दो यारों ।२
करें प्यार इतना …समन्दर से गहरा,
मुहब्बत जरा और …बढ़ने दो यारो।३
सवरता रहे …..प्यार दोनों दिलो मे,
इशारों इशारों मे….. कहने दो यारों।४
कसम है सदा…. प्यार करते रहेंगें,
वफा कर वफाई ..दिखाने दो यारो।५
जले गर जमाना जलने दो “योगी”
चलो प्यार को.. .निखरने दो यारो ।६
योगेन्द्र कुमार निषाद “योगी”
घरघोड़ा,छ०ग०
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