जिंदगी कटती नहीं बिना खुद को आजमाने से

कुछ परेशानी से
तो कुछ संघर्ष की कहानियों से,
जीवन नहीं कटता
बिना दुःख और दर्द की निशानियों से,

कभी टूटता तन, तो कभी रूठता मन
लम्हे कितने भी खूबसूरत क्यों न हों,
हर खूबसूरती के पीछे छिपा है
लंबे समय तक हुआ एक-एक पल का दम

तुम कितना भी पस्त हो और कितना भी लस्त हो जाओ
हार मत मानो इस तरह की स्थिति सामने आ जाने से
क्योंकि जिंदगी नहीं कटती
बिना दुःख और दर्द की निशानियों से,

घर बनने में क्या समय लगता,
महल बनने में जो देरी होती,
जीवन को घर से आगे का सोचकर
महल तैयार करने की ठान,
डर न तू किसी संघर्ष के पैमाने से

जिंदगी कटती नहीं बिना खुद को आजमाने से।।

-मनीष

Comments

One response to “जिंदगी कटती नहीं बिना खुद को आजमाने से”

  1. Abhishek kumar

    Good

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