कभी गुजरती थी जिंदगी
धीरे धीरे, कभी साइकिल पे, कभी पैदल
इक बचपन क्या गुजरा
जिंदगी को जैसे पर लग गये
जिंदगी को जैसे पर लग गये

Comments
6 responses to “जिंदगी को जैसे पर लग गये”
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nice
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dhanyabaad!
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VERY NICE
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thanks
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Beautiful Panna Jii ….
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shukriya
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