मुबारक आपको
नव बरस में खूब खुशियों से
भरी हों वादियां,
जो जुटे मेहनत में हैं
हो जाएं उनकी चांदियाँ।
जल्दी से हों
जिनकी रुकी हैं शादियां।
झगड़ें नहीं
जिनकी हुई हैं शादियां
खूब खुशियों से
भरी हों वादियां।
जिनकी रुकी हैं शादियां
Comments
4 responses to “जिनकी रुकी हैं शादियां”
-
बिल्कुल सही बात है । आमीन …..लाजवाब अभिव्यक्ति
-

बहुत सही..
जो शादी के इच्छुक हैं उनकी मनोकामना पूर्ण हो -

Very nice sir
-
वाह वाह
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.