जीने का बहाना

आप जैसे, प्यारे मित्रों से जीवन सुहाना होता है।
न चाह कर भी, जीवन जीने का बहाना होता है।
जानकी प्रसाद विवश

Comments

3 responses to “जीने का बहाना”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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