जीवन

जीवन हर पल एक खेल होता है।

यहाँ सभी के कर्मों का मेल होता है।

जिंदगी के खेल बड़े निराले होते हैं।

किश्मत का हर सिक्का हेड, टेल होता है।

इस खेल में तो कोई पास तो कोई फैल होता है।

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