हवा की दिशा में
भले ही सब बहें
मगर तू फैसला
खुद की हिम्मत से करना।
हो अगर पंखों में ताकत,
और पाने का जज्बा,
तब तेरा निश्चित होगा,
मन की मंजिल में कब्जा।
हवा इस ओर होगी,
भले तूफान होगा,
मगर उस ओर कोई
गर परेशान होगा,
तुझे तूफान को
काट कर जाना होगा,
मदद करने उसे
तुझे भिड़ जाना होगा।
जुटाना होगा साहस
जुटाना होगा आत्मबल,
तू हिम्मत से हवा के विपरीत भी
जीत लेगा कल।
जुटाना होगा साहस
Comments
7 responses to “जुटाना होगा साहस”
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Good
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बहुत सुंदर रचना,
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हो अगर पंखों में ताकत,और पाने का जज्बा,
तब तेरा निश्चित होगा, मन की मंजिल मे कब्जा ।
बेहद शानदार रचना -

निरन्तर प्रेरणादायक सृजन । आपकी शब्दावली अत्यंत शुद्ध और सटीक रहती है। व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध शब्द और शुद्ध वाक्य विन्यास वाह
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वास्तव में उच्चस्तरीय भाव औऱ व व्याकरण से जुड़ी शुद्धता आपकी कविता को उच्च साहित्य की श्रेणी में खड़ा करती है।
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अति, अतिसुंदर भाव
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हम सभी को प्रेरणा देती हुयी आपकी बहुत सुंदर रचना
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