जुदा-जुदा

खुशी हो या गमी संग नहीं रहती सदा
एक-दूसरे से मिलकर भी रहती जुदा-ज़ुदा

Comments

6 responses to “जुदा-जुदा”

  1. वाह वाह, क्या बात है। लेखनी में अदभुत क्षमता।

    1. सादर आभार

  2. Geeta kumari

    क्या बात है बहुत ख़ूब

  3. सुंदर पंक्तियां

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar

    ये तो धूप और छांव की तरह लाजमी होती है
    बहुत सुंदर

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