देश में कोरोना से निपटने के टीके आ गए,
बेफिक्र हो इनको लगवाया जाए।
यह है इतिहास का सबसे वृहद अभियान,
इसने भारत के सामर्थ्य को दिलवाया सम्मान।
दिलवाया सम्मान, सभी देश तारीफ़ कर रहे,
आप भी लगवा लेना ये टीका, लगवाने से क्यों डर रहे।
टीकों का हुआ शुभारंभ, किया भारत ने शंखनाद।
कोरोना को भगाने का पहला कदम है आज।
टीका ज़िन्दगी का आया, ख़ुशी की लहर है आई,
कोरोना को भगाने के पहले कदम की बधाई।।
_______✍️गीता
*टीका ज़िन्दगी का*
Comments
6 responses to “*टीका ज़िन्दगी का*”
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बहुत खूब
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सादर धन्यवाद भाई जी 🙏
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अतीव सुन्दर
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बहुत-बहुत धन्यवाद पीयूष जी
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कवि गीता जी की सुन्दर प्रस्तुति
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प्रोत्साहन हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
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