डर

मन करता है पढ़ लिख कर मैं,
माँ पापा का नाम कराऊँ,

मन करता है सपनों को देखूं,
आसमान में मैं उड़ जाऊं,

मन करता है डर को जीतूँ,
इस दुनियाँ से मैं लड़ जाऊं,

मन करता है बारिश बनकर,
इस धरती से मैं जुड़ जाऊं।।

राही (अंजाना)

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