डिजिटली कैद जिंदगी

मोबाइल की उपस्थिति में किताबों की अनुपस्थिति लग रही है,

जिंदगी छोटे से गैजेट्स में डिजिटली कैद लग रही है।।

 – राही (अंजाना)

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