डूबती कश्तियों के सहारे बैठ कर क्या होगा

डूबती कश्तियों के सहारे बैठ कर क्या होगा,

समन्दर के इतने किनारे बैठ कर क्या होगा,

तैरना है तो लहरों के बीच जाना ही होगा,

यूँ डर के दायरे में सिमट कर क्या होगा।।

~ राही (अंजाना)

Comments

11 responses to “डूबती कश्तियों के सहारे बैठ कर क्या होगा”

  1. ashmita Avatar

    सब अपने अपने संगी के साथ चले गये
    अब यहां तनहा बैठकर क्या होगा|

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close