तफ्तीश

आँखे रोके कहाँ रूकती
तफ्तीश में लग जाती हैं
छिपे हुए अश्क को
पहचान लेती हैं

Comments

6 responses to “तफ्तीश”

    1. Suman Kumari

      सादर आभार

  1. सुन्दर पंक्तियाँ

    1. Suman Kumari

      सादर आभार

  2. Geeta kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Suman Kumari

      सादर आभार

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