जिंदगी भर काम आया
मेरा तमीजदार रहना
बस कुछ बदतमीजों की खातिर
हम बदजुबान हो गए।
दिन की शुरुआत ऐसा करो
जैसे ये तुम्हारा पहला प्यार हो।
जिंदगी की उलझनों ने ऐसा उलझा रखा है
फिर भी लिखने का ख्वाब पूरा ही कर लेती हूँ
तारों की दुनिया में चलो चलते हैं
जमी पर ना सही आसमां में मिलते हैं
वहां तो नहीं होगा जात पात का बंधन
चलो चले हम अपनी अधूरी मोहब्बत को
पूरा करते हैं..❤❤
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