“तालिबान और अफगानिस्तान”

तालिबान ने यह
कैसी हालत कर दी
अफगानिस्तान की
बैठे बैठे मृत्यु आ गई
कीमत कम हो गई अब तो जान की।
फिल्मों जैसा हाल हो गया
अफगानी नागरिकों का,
प्लेन से मानव ऐसे गिरते हैं
जैसे पत्ता हो सूखा सा
हाय रे! दुनिया तेरी चुप्पी
लानत लानत लानत है
याद रख की तेरे देश की भी
हो रही कुछ ऐसी ही हालत है।।

Comments

2 responses to ““तालिबान और अफगानिस्तान””

  1. रोहित

    अत्यंत दुखद

  2. Anil Mishra Prahari

    Wajib chinta. Bahut sunder.

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