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  1. फूलों का हल्के से मुस्कुराना,
    तितलियों का यूँ ही पंख फङफङाना,
    मतवारी सी बयार का मुझे छेङ जाना,
    चिङियों की जोङी का कोटर में छिप जाना,
    कुछ तो बयां कर जाता है,
    तेरे आने के निशां दे जाते हैं,
    और दिल ने कहा,
    तू कहीं है यहीं,
    यहीं कहीं,
    मेरे आस पास

    laajwab ke khyal hai behd hi khoobsurt ese hi likhte rahe

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