तेरी तस्वीर

जब एहसासों को शब्दों में उतार न सकी मेरी कलम,

तब स्याही की हर बून्द ने मिलकर तेरी तस्वीर बना ली।।

राही (अंजाना)

Comments

5 responses to “तेरी तस्वीर”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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