तेरे दर पे आया माता मैं, मेरी झोली भर दे ।
अपनी दया की वृष्टि से मेरी मईया मेरी मुरादे पुरी कर दे।
बड़ी आश लगाये आये मा मुझे आशावान बना दे।
तेरे दर पे आाया माता मैं, मेरी झोली भर दे ।।1।।
तेरे दर पे आता निर्धन, धनवान, दीन-दुखी सब माता ।
सबकी सुनती माता तुम, सबके मुरादे पुरी करती है ।
मेरी भी सुन ले विनती माता मैं तुझे नमन बारम्बार करता है।
दुनिया की तुम हरती दुख मेरे भी दुख का निवारण कर दे ।।2।।
सब है तेरे पुत्र मईया, हम भी तेरे लाल है ।
एक नजर मा इधर देख ले, हम भी तेरे दास है।
दासों की तुम स्वामिनि माता, दासों पे तेरी कृपा अपरम्पार है।
एक झलक की ज्योति से माता हमें भाग्यवान बना दें।।3।।
तेरे दर पे आया माता मैं, मेरी झोली भर दे।
अपनी दया की वृष्टि से मेरी मईया मेरी मुरादे पुरी कर दे।।
तेरे दर पे आाया माता मैं (गीत)
Comments
2 responses to “तेरे दर पे आाया माता मैं (गीत)”
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खूब
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जय माता दी
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