थाम कर तुम्हारा हाथ….

थाम कर तुम्हारा हाथ ,
आज भी चलना चाहते हैं,
चाहे दूरी कितनी भी हो,
साथ निभाना चाहते हैं।

Comments

12 responses to “थाम कर तुम्हारा हाथ….”

    1. धन्यवाद सर

  1. Geeta kumari

    Very nice

    1. धन्यवाद सर

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    नकारात्मकता में सकारात्मक विचार सुंदर भाव

  3. Deep

    सुन्दर

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