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दिल-ए-ज़िगर ……

दिल-ए-ज़िगर ……              मेरी गुस्ताखिॅया अंदाज़–ए–इश्क थी मेरी मेरी शोखियाँ दीदारे–ए–खुदा थी तेरी मेरी वही दिल-ए-ज़िगर की शोखी पे क्यों आज बिखर गये सब जज़्बात…

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