दिल की आरजू

तुमने मेरे दिल में
दर्द ऐसा भर दिया
कि मैंने खुद के ही दिल
का कत्ल कर दिया.

पहले दिल में मेरी
सांसों को थाम रखा था
अब मैंने हाथों में
दिल को थाम रखा है.

मेरे साथ जीने की थी
मेरे दिल की आरजू
अनदेखा कर दिया उसे
जो मेरी तेरे साथ जीने की थी आरजू.

मेरे दिल ने कहा…
चाहे मुझ में बेहिसाब दर्द है
पर मेरी सांसों को मुझसे दूर ना करो
अपनी चाहत के लिए मुझे मरने पर मजबूर ना करो.

Comments

5 responses to “दिल की आरजू”

    1. nitu kandera

      धन्यवाद

    1. nitu kandera

      धन्यवाद

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