nitu kandera, Author at Saavan's Posts

दिल की आरजू

तुमने मेरे दिल में दर्द ऐसा भर दिया कि मैंने खुद के ही दिल का कत्ल कर दिया. पहले दिल में मेरी सांसों को थाम रखा था अब मैंने हाथों में दिल को थाम रखा है. मेरे साथ जीने की थी मेरे दिल की आरजू अनदेखा कर दिया उसे जो मेरी तेरे साथ जीने की थी आरजू. मेरे दिल ने कहा… चाहे मुझ में बेहिसाब दर्द है पर मेरी सांसों को मुझसे दूर ना करो अपनी चाहत के लिए मुझे मरने पर मजबूर ना करो. »

सूखे गुलाब

जिंदगी की ताजगी अब महसूस करता हूं सिर्फ ख्वाबों में सूख गए वो गुलाब जो छुपा कर रखे थे किताबों में. »

लावा

कभी तेरे प्यार का लावा था रगों में जिसमे कई हसरतें जलकर मर गई आज उस लावे के साथ-साथ माशूका की नजरें भी सर्द पड़ गई. »

बसर

तुम सरेआम कहती हो मैं बुरा मेरा दिल बुरा क्या वह वक्त भी बुरा जो तुम्हारा मेरे दिल में गुजरा. »

जिंदगी

जिस जिंदगी में तुम साथ हो उसी जिंदगी में मुझे बार-बार है जन्म लेना सकून मुझे मिल जाए तब जन्नत का खुदा वो जिंदगी मुझे एक दिन की और देना. »

मोती

काश में समंदर की गहराई में आराम से पड़ी होती तुम होते कान्हा मेरे चमकते मोती और मैं तुम्हारी राधा सीप होती. »

चकाचौंध

चकाचौंध वाली जिंदगी पा ली मैंने अब ना करना पड़ता भूखे पेट बसर पर जो खुली आंखों से देखा था सपना तयना कर पाया उसकी परछाई तक का भी सफर. »

जिंदगी

बुलाती रही तुम्हें पर गौर न किया मेरी आवाजों पर खुशनसीबी है मेरी ए जिंदगी जो तेरी निगाह पड़ी मेरे अल्फाजों पर कहा जिंदगी से मैंने एक बार रुक तो सही मैं जरा खुल कर दो जी लूं पर अजीब है जिंदगी बिना कुछ सुने चलती ही जा रही है जिंदगी ने कहा.. मैं एक पल ठहरी हूं दौड़ कर थक गए हो तो मेरे साथ ही चल दो. »

अजीज

पत्थर से बन कर रह गई जख्मों को सहकर भी रोई नहीं तुमने ही दिल कहीं और लगा लिया वरना तुमसे अजीज तो आज भी कोई नहीं. »

हक

तुमने बसा ली अपनी दुनिया मुझे तो किसी छत का भी सहारा नहीं चाह कर भी मैं तुम्हारा हाल ना पूछ सकू कहीं कह दो की अब ये हक तुम्हारा नहीं. »

पिया

मेरे दिल का हाल बुरा है इसका इल्जाम तुम पर लगाती हूं पिया ना यकीन तो हो चलो मेरी बढ़ती धड़कन तुम्हें सुनाती हूं »

खूबसूरत

दुनिया चाहे लाख खूबसूरत है सिंगार चाहे खूब करें पर सादगी की अपनी ही बात है पुराने भददे कपड़ों में भी वह कुछ अलग सी लगती है जाने उसमें ऐसी क्या बात है »

बदला

बदला खूब लिया उसने मुझसे मुड़ कर देख मुझे चली गई मुस्कुरा कर थोड़ा सा दिल का दर्द मुझे दे गई »

मसले

ना कोशिश करो जलाने की पानी से दीए रोशन नहीं होते खामोश रहकर सुलझा लो सभी उलझने शोर से कभी मसले हल नहीं होते. »

गांव की बेटी

दिन की शुरुआत अंगीठी के उठते धुएं से शुरू होती पकाती परिवार के लिए रोटी फिर भी सुने समाज की खरी-खोटी थक जाए कितना भी तू फिर भी आराम ना लेती देख तुझे मैं यही कहती कैसे यह सब है करती मेरे गांव की तू बेटी. मीलो चलती पानी भरकर लाती रख घड़ा जमी पर फिर से दोपहर का खाना बनाती रख गमछे में प्याज और चार रोटी फिर से खेत की तरफ रवाना होती खिलाकर रोटी पिलाकर पानी पति की प्यास बुझाती ले हसिया हाथ में कटाई में ल... »

सवाल जवाब

कैसे जिओगे अपनी जिंदगी रह गया हो जिंदगी का एक ही दिन अगर बड़ा प्यारा जवाब दिया आशिक ने मोहब्बत के सवाल पर मैंने तो बनाया तुम्हें हर पल अपनी जिंदगी जीने की वजह हर साल तुम्हारे साथ बिताया एक ही दिन की तरह गुमान आशिक को बहुत हुआ मोहब्बत के जवाब से अश्कों का गिरना कम ना हुआ दोनों की ही आंख से मोहब्बत ने कहा तुम्हारे प्यार में मै इस कदर डूबी हूं खुदा से हर वक्तबस यही दुआ मै करूं जिस जिंदगी में तुम साथ ... »

दिल का हाल

वों पढ़ लेते हैं आंखों ही आंखों में मेरे दिल का हाल ना बता चाहूं उनको मुझ पर क्या बीता इस साल क्यों ना उनसे कुछ दूरी बढ़ा ली जाए ना पढ़ सके वों मेरे मन को क्यों ना उन से आंखें चुरा ली जाए. »

सावन

सावन कि बारिश का खूब फायदा उठाया मैंने बहा दिए पानी मे वो लम्हे जो थे मेरी यादों में और कश्ती बना कर तिरा दिए तेरे खत जो कभी छुपा कर रखे थे मैंने किताबों में. »

मोहब्बत का फसाना

खो गया था मैं अपने आप में ही और तेरी याद में तड़पता रहा इतने सालों बाद तेरी गलियों में कदम रखा नाम लेकर तेरा पुकारता तुझे भटकता रहा. इस उम्मीद में कि तुम कहीं तो मिलोगे मैं जोर से आवाज लगाता रहा ढूंढा वो चौबारा, देखा वो गलियारा बार-बार चक्कर तेरे चौराहे के लगाता रहा. क्या भूल गए लोग अब हमारी मोहब्बत का फसाना रवैया ऐसा है उनका मानो कह रहे हो दोबारा इन गलियों में ना आना. कहीं से आकर मुझे पत्थर लगा स... »

पहचान

जिंदगी की दौड़ में ना पहचान पाए अपने और अनजानो को क्या खाक तजुर्बा पचपन का जो पहचान ना पाए शैतानों में से इंसानों को. मोहब्बत अगर किसी से है तुम्हें तो क्या उसके जज्बात दूर से ही जान लोगे खुशियों में तो साथ हो सके पर क्या बारिश में भी उसके आंसू पहचान लोगे. गरीब जिंदगी के रंगमंच का सबसे बड़ा खिलाड़ी होता है पहचान सके तो पहचान कर दिखाओ जो दर्द पर्दे के पीछे होता है. नादान होता है आईना सोचता है उसके ... »

मंजिल

इस वक्त हवा मेरे खिलाफ है पर हौंसले मेरे बढ़ते रहेंगे मै कितना भी थक जाउ कदम मेरे वक्त के साथ मंजिल की सीढ़ियां चढ़ते रहेंगे. »

ज़ख्म

कहते हैं वक्त के साथ हर जख्म भर जाता है पर वो जख्म कैसे भरे जो तुम हमें दे गए मांग लिया होता दिल अपने आप ही दे देते पर तुम सीना चीर कर निकाल ले गए. ए जिंदगी कुछ शिफारिस लगा उनसे समझ नहीं आता जियूं या मरूं बिन दिल के धड़कन का क्या करूं इस खाली जगह को अब मै कैसे भरुं. दुख क्या होता है आज मुझे समझ में आया जब ना मिले कभी तपते रेगिस्तान में छाया दुख को रेत की तरह समझा और मुट्ठी से गिराया बिसात क्या थी ... »

ईश्क की जायदाद

मैंने कहा मै इश्क में बर्बाद हो गई और मुझे ना चैन ना सुकून ना एतबार मिला मुकदमा मुझ पर इश्क की तरफ से चला भले ही तुम्हे ये सब ना मिला पर बेवफाईयां,रुसवाईयां और दर्द का बड़ा सा हिस्सा तो तुम्हें इश्क की जायदाद में मिला. »

इश्क

बच निकलते हैं इश्क के चंगुल से जो लोग बेवफा होते हैं गिरते वही लोग मोहब्बत में जो इसकी गहराइयों से अनजान होते हैं कुछ प्यार के मिलने पर आबाद होते हैं और कुछ बिछड़ने पर बर्बाद होते हैं दिल तोड़ देने वाले अक्सर चैन से सोया करते हैं. टूटी मै ऐसे कि.. फिर ना घाव मेरा कोई सिला बिखर गई धूल की तरहा बेकरारियाँ, बेचैनियां और बहुत सा दर्द भी मिला यह कह नहीं सकती कि इश्क में मैं पूरी तरह बर्बाद हो गई इश्क मे... »

बेज़ुबान

एक आवाज आई हमें प्यार है तुम से खिंचा चला गया मैं वहां और होश मेरे थे गुम से. कुछ भी पूछो तो मुस्कान होठों पर वो रखती थी बस देखती रहती मुझे क्योंकि वो बोल नहीं सकती थी. ना पन्नों में लिखी जाती ना इश्क की कोई जुबां होती होठों से कुछ ना कहती आंखों से ही हाल-ए-दिल बयां कर देती. पर सच्चा प्यार तो मन की बात आंखों से ही पड़ता है गिले शिकवे कितने भी हो इशारों इशारों में ही झगड़ा है. समझ गया मैं तेरे दिल ... »

अक्स

हमें जुदा करने का फैसला वक़्त का था इसमें ना कसूर तेरा ना मेरा था पर तेरे गालो पे चमकते अश्कों मे अक्स क्यों क्यों मेरा था. »

बच्चा

एक बच्चा,अपने मन से कुछ बनना चाहता था पर मां-बाप की ही उस पर चलती रही. जैसा हम कहते हैं वैसा ही करो और उसकी इच्छाएं है यूहीं आग में जलती रही. ख्वाब टूट गए उसके तो हकीकत में क्या जिएगा यही सोच उसके दिल और दिमाग में चलती रही. ख्वाब उसके टूट चुके थे रिवायत ये बचपन से ही चलती रही. वह तो कई साल पहले ही मर गया था पर लाश पचपन तक चलती रही. »

डरना मना है

डरना मना है उनका जो मैदान जीतने चल पड़े डटकर खड़े तूफानों में ना माथे पर कभी बल पड़े. दिए की लौ को क्या खौफ मौत के झरोखों का जो खुद ही जलकर जी रहा उसको क्या डर हवा के झोंकों का. बनाते बेखोफ घोंसले ऊँची डाल पर उन्हें सांप की परछाइयों से डर नहीं लगता उड़ते फिरते बदलो के पार उन्हें आसमान की ऊंचाइयों से डर नहीं लगता. पूरे वेग से बहती नदी भी बहकर सागर में मिल जाती सख्त धूप में तप कर कच्ची मिट्टी भी पत्थ... »

वक्त्त

सावधान करती हूं कवियों को ना लेना पड़ जाए लिखने से जोग हवा झूठ की चल पड़ी है सच्चे शब्दों से रुठे हैं लोग. कितना समझा लोगे तुम उनको जमाना बहुत ही संगदिल है जिस तरह गीले कागज पर शब्दों का लिख पाना मुश्किल है. सच्चा साथ निभा कर दुआएं बहुत सी ले आना धन दौलत कमा कर क्या करोगे मुश्किल है इसको ऊपर ले जाना. झूठ का चाहे कितना भी चढ़े फितूर सच की राह पर चलना हुजूर वक्त तो रेत की तरह फिसलता रहता है एक दिन व... »

कवि का हाल

कैसे बताएं दर्द का आलम क्या होता है लिखने के लिए कवी खुद को कितना नोचता है रचना शुरू होती है कलम की नोक से और अंत पूर्ण विराम (!)पर होता है. घिस घिस कर जब कलम को हम हाल-ए-दिल अपना लिखने लगते हैं दर्द मुझे होता है और जाने क्यों? आँसू दूसरों की आंखों से बहने लगते हैं. हौसला टूटने की बात कहूं तो लोग सूखी टहनियों की तरह टूट कर बिखरने लगते हैं टूटते हैं हम आईने की तरह और लोग टूटे टुकड़ों को समेटने लगते... »

बागी

अपनी ही आजादी के आदी बन गए जाने हम क्यों बागी बन गए बेबसी की रस्सी पर लटक कर कई ख्वाब मेरे खुदकुशी कर गए. धकेलो कितनी भी जोर से मुझे संभलना सीख गई हूं मैं मुझे जलाना मुश्किल होगा कागज की तरह भीग गई हूं मैं. ऐ खुदगर्ज जमाने जो तुम मेरा दिल ना दुखाते तो मेरे शब्द यूं शोले ना बरसाते उडूं मै आसमान में या तेरुं बहती नदी में मिले हो तुम हमेशा मेरी राह में जाल बिछाते. कलम की नोक को सूई की तरह चुभाया दुश्... »

बर्बाद हो गए

वह भी मुझे चाहती है यह सोच हम बेबाक हो गए प्यार में गिरते ही दुनिया की नजरों में नापाक हो गए मुस्कुरा कर उसने हमें देखा हमें लगा हम प्यार में आबाद हो गए दुनिया ने कहा जी नहीं हुजूर आज से तुम प्यार मे बर्बाद हो गए. »

मुहब्बत

मेरी मासूम मोहब्बत को प्यार का तोहफा दे गए बदले मे बेचेनियाँ बेकरारियाँ दी और जन भी साथ ले गए »

भूल

याद तुम्हे मै अब नहीं ऑंखें इंतजार की करती है भूल अब तो अश्कों पर भी मेरा बस नहीं आँसू गिरकर बन गए सूखी मिटटी मे धूल. »

कामयाबी

ठोकर लगने पर भी आगे मैं बढ़ता जाऊंगा कैसा भी हो कामयाबी का रास्ता हर तरीके को अपनाउँगा जरूरत पड़ी तो खुद को मैं जलाऊंगा छू लूंगा आसमान धुआं मैं बन जाऊंगा »

पहचान

अगर मैं होती गरीब किसान की उपजाऊ भूमि बंजर होने पर जरूर दुत्कार दी जाती मैं होती कुमार के चाक मिट्टी उसी के दिए आकार में ढल जाती मैं होती माली के बाग का फूल मुरझाने के लिए गुलदस्ते में छोड़ दी जाती मैं होती किसी महल की राजकुमारी विवाह के बाद छोड़ उसे मै आती कहने को तो होती मै लक्ष्मी घर की पर अलमारी के लॉकर की चाबी बनकर रह जाती चाहे चिल्लाऊं मै खूब जोर से फिर भी मन की व्यथा ना कह पाती चाहे मैं होत... »

नाक घुसाओगे

अगर धर्मात्मा इतने ही हो तुम तुम्हें पूरा हिंदुस्तान दिलवाएँगे पर करनी होगी देश की सेवा हर गली में नारा लगवाएँगे तुम बस भड़काने वालों में से हो जो आग लगाकर पीछे हट जाएंगे बनवा दो पूरे भारत में इंसानियत के मंदिर मस्जिद करोड़ों लोगों की दुआएं तुम्हें दिलवाएंगे पर तुम्हें वास्ता अलगाव से है बस अयोध्या की 66 करोड़ एकड़ जमीन मे ही अपनी नाक घुसाओगे. »

राम -हनुमान

साथ जुड़े है उनके नाम राम के संग- संग बोलो जय हनुमान प्यार मे खोए है हनुमान जय हनुमान जय श्री राम पतित पावन सीता राम काज बनाओ हे प्रभु राम राम के संग संग बोलो जय हनुमान. »

वजूद

मैं हूं अपने परिवार का हिस्सा या फिर हूं बीते कल का किस्सा खुद को पानी की तरह हर आकार में ढाल दूँ अपनों के लिए खुद की इच्छाओं को टाल दूँ पहचान बनाने के वास्ते करू मैं जतन सभी ढूंढूँ मंजिल पाने के रास्ते क्या मिलेगा मुझे वजूद कभी? पिता से मिला मुझे नाम सिर्फ पुत्री ही बनकर रह गई पति से मिला उपनाम घर में ही मेरी पहचान खो गई. »

सच्चाई

मुंह में राम बगल में छुरा लिए आते हो अपनी गंदी राजनीति से सबको लड़वाते हो क्या फर्क पड़ता है कि तुम हिंदू हो या मुसलमान अपने उन्ही मेले हाथों से शांति के कबूतर उड़ाते हो अल्लाह के बंदे, भगवान की रचना है हम क्यों अयोध्या को आधा-आधा कटवाते हो अगर सच्चे इंसान हैं हम तो फिर क्यों तुम घबराते हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि तुम नमाज पढ़ते हो या फिर दिए जलाते हो. »

अयोध्या

इंतज़ार मे सब खड़े है जाने क्या निकलेगा अयोध्या की गहराई में. जैसे-जैसे खुदाई गहरी होती जाती है लोगों के दिल की धड़कन बढ़ती जाती है जाने अब क्या निकल आएगा खुदाई में. परिणाम अपने आप ही निकल आएगा देखे कितना सच है किसकी कितनी सच्चाई मे. अयोध्या को खोदने की जरूरत कभी ना पड़ती वही स्मारक बन जाते हिन्दू मुसलमान की यादों की अच्छाई में. »

सात चिड़ियों का बसेरा

एक बाग में था पेड़ हरियाणा विशालकाय, सुंदर, मतवाला बैठा हो जैसे साधना में तपस्वी कोई सम्पूर्ण, समृद विशाल हृदय वाला. जागृत हो जाता होते ही सवेरा जिस पर था सुंदर साथ चिड़ियों का बसेरा खाकर फल उसके चिड़ियों ने बीजों को जग में जा बखेरा. किसी चिड़िया का पहली डाल पर बसेरा किसी का था ऊंची अटारी पर डेरा सुंदर चिड़ियों का परिवार बढा पेड़ दिखने लगा और भी घनेरा. बीत गए कई साल खुशी से उड़कर आकर बैठती बस उसी ... »

हैप्पी बर्थडे सांध्या

इतने सालो से अपने कंधो पे जिम्मेदारी माँ की ले रखी है माँ की तू बेटी है घर की तू तरक्की है अनपढ़ माँ की अब तू इकलौती कलम और तख्ती है किस तरहा सुधर गया जीवन दुनिया हक्की बक्की है. जो तेरे कर्म मे था परिश्रम तूने गहन किया कई मुश्किलें सर आन पड़ी सभी को तूने सहन किया गरीबी मे साथ दिया माँ का फटे कपड़ो को भी पहन लिया छोड़ना ना कभी जो माँ का हाथ थाम लिया आज के दिन तूने जन्म लिया हैप्पी बर्थडे मेरी बहन संध्... »

तू मेरा छोटा भाई है

जब तू पालने मे खेलता था कई खिलोने तेरे सराहने रहते थे खुश होती तुझे देख- देख मेरे नन्हे हाथ तेरे सर को सहलाते रहते थे. जब तू थोड़ा बड़ा हुआ मेरे खेल का साथी मुझे मिल गया टॉफी,चॉकलेट बांटकर खाने वाला साझी मुझे मिल गया. साथ स्कूल जाते थे साथ पढ़ाई करते थे साथ मे लंच, साथ मे खेल साथ मे स्कूल का काम करते थे. स्कूल बदल गया सब्जेक्ट बदल गए अलग राहों पे आना -जाना हो गया कुछ ही सालो बाद तू मुझसे भी लम्बा हो ... »

जीवन जीना

जीवन बहुत कठिन है गरीबो का आगे बढ़ना मुश्किल है शरीफों का सीखना जरुरी है जीवन के सलीखो का डटकर खंडन करती हूँ बेईमान तरीको का. सिर्फ मांगने से हक मिलता कभी ना पैसे के आगे सस्ता है बहुत पसीना आभारी हूँ मै अपनी माँ की जिसने सिखाया मुझे ये जीवन संघर्ष से जीना. गरीबी के साथ कैसे है जीना तुमने मुझे बचपन मे ही सीखा दिया न्याय के लिए आवाज उठाओ इस सोच ने बाग़ी मुझे बना दिया. सवाल करती हूँ खुद से और सबसे मेरा... »

कामना

हे अहोई अष्टमी माता अपने पुत्र के लिए मै करती हूँ तुमसे यही कामना रक्षा उसकी सदा करना मुश्किलों से हो जब भी उसका सामना हे अहोई अष्टमी माता अपने पुत्र के लिए मै करती हूँ तुमसे यही कामना. सदा सुखी वो रहे कमी ना हो खान पान की राह उसे उज्वल देना जग ख्याति हो मान सम्मान की. हे अहोई अष्टमी माता……… ……………… लम्बी उम्र वो जिये देना उसे अच्छा स्वास्थ्य मा... »

रामायण

पढ़कर रामायण का हिंदी अनुवाद पाखंडी भी खुदको विद्वान समझते है भड़काते लोगो को और कहते हम रामायण को पढ़ते है. रामायण का पाठ ही पतितो को पावन कर दे बुराई मिटा दे मन की मन में राम नाम को भर दे. राम नाम से पत्थर भी तिर जाये ये तो सबको पता है जितना सम्मान राम को मिला क्या भगवान बाल्मीकि को भी मिला है? ऊंच नीच, मार काट में धर्म ही आज खो गया है लिखी जिसने रामायण अब वो ही अपवित्र हो गया है. आसरा मिला सीता मा... »

देश का कण- कण- स्वर्ण महान है

हिमालय ताज सर पर सजा डटकर खड़ा अम्बर में सटा स्थिरता जिसकी पहचान है ऐसा ही हर भारतीय का रुझान है क्योंकि इस देश का कण-कण-सवर्ण महान है नम्र ह्रदय उच्च विचार मानते हम अतिथि को भगवान है प्रतिभा ऐसी कूट -कूट भरी जानकर दुनिया भी हैरान है क्योंकि इस देश का कण-कण-स्वर्ण महान है. सुन्दर- नदिया, बहते -झरने स्वर्ग से लगी सीढ़ी के समान है सुंदरता फैली हर कण मे मुश्किल करना इसका बखान है क्योंकि इस देश का कण कण... »

दलित

इस आजाद भारत में आज भी मेरी वही दशा है. छुआ – छूत का फंदा आज भी मेरे गले में यूहीं फंसा है. मै हूँ दलित गरीब भेदभाव का शिकंजा मेरे पैरो में कसा है. मै तिल तिल कर जी रहा समाज मेरे बुरे हाल पर हंस रहा है. ये मत भूलो, जिस घर में तुम हो रहते वो मेरी दिहाड़ी मजदूरी से ही बना है. फसल उपजाऊ सबकी भूख मिटाऊँ पर खुद भूख से मै ही लड़ता हूँ. साथ चलने का हक़ भी मै ना पाऊं पर सबके उठने से पहले सड़के साफ मै ही... »

घमंडी इंसान

गुमान ना करना खुद पर घमंडी दुनिया में बहुत से देख लिए गुमान ना चट्टानों का रहा जिसने नदिया के आगे घुटने टेक दिए नदी ने टुकड़े कर चट्टान के नालो में बहाकर फेंक दिए जंगल को बहुत गुमान था खुदपर ऊँचे वृक्षों को उसने क्षितिज तक फैला दिया जंगल के घमंडी सर को आग ने खुका दिया आग ने जाला उसे खाक में मिला दिया घमंडियो का राजा मनुष्य हीरे मोती जोड़कर बन गया धनवान काम का ना काज का बनने चला भगवान पर बुरे काम करक... »