दिल की बस्ती

शिकवा करते-करते हम
तुझको हार बैठे हैं
पहले दिल हार बैठे थे
अब जान हार बैठे हैं
तुम्हारी बेवफाई से
हम अपनी बस्ती उजाड़ बैठे हैं

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