दिल का दीप जलाओ सजनी
आई मधुर दिवाली रे।
प्रेम भाव का तेल भरो और
सेवा सत्य की बाती।
संकल्प ज्योति से प्रज्ज्वलित कर
जगमग कर सुखरासी।।
वीर सपूत को अर्पण करो अबकी
मधुर दिवाली रे।।
दिल का दीप जलाओ सजनी
आई मधुर दिवाली रे।।
शुभकामनाओं के साथ
पं़विनय शास्त्री
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