खुशियों का मतलब पटाखे नहीं, रोशनी और उल्लास है। ना समझो गलत बंद करना इन्हें, प्रदूषण का यह सब सामान है। पहले ही प्रदूषण से बेदम है आबोहवा उस पर इस दिन चहु ओर फैला […]

दिल का दीप जलाओ सजनी आई मधुर दिवाली रे। प्रेम भाव का तेल भरो और सेवा सत्य की बाती। संकल्प ज्योति से प्रज्ज्वलित कर जगमग कर सुखरासी।। वीर सपूत को अर्पण करो अबकी मधुर दिवाली […]

दीपों की माला को देखो कैसे सज्जित होती हैं। चारों तरफ उजाला कारके बस यही प्रज्वलित होती हैं । खोकर राग द्वेष को ये चारों तरफ सुगंधित होती हैं। दीपो की माला को देखो कैसे […]

देखो फिर आई दीपावली, देखो फिर आई दीपावली अन्धकार पर प्रकाश पर्व की दीपावली नयी उमीदों नयी खुशियों की दीपावली हमारी संस्कृति और धरोहर की पहचान दीपावली जिसे बना दिया हमने “दिवाली” जो कभी थी […]

आओ दिवाली ऐसी मनाए , थोड़ी खुशियां हम भी लुटाए। जो तरसे इन खुशियों को इन, आओ दिवाली उन सब की मनाए। थोड़ी मिठाई हम भी खाएं, थोड़ी उनमें बांट के आए। हंसते चेहरे देखोगे […]

अब कि बार दिवाली में…. देश का पैसा देश में रखना खर्चा मत करना चाइना की लाईट पर तन मन को प्रशन्नचित रखना कदम से कदम मिलाकर चलना मिट्टी के दीपक जलाना अब कि बार […]