दीवाना

उनकी गली से जो गुजरे वो दीवाना हो जाता है
भटक जाता है वो, मजनू हो जाता है
हम भी गुजरे थे इक दफ़ा उनकी गली से
आज तक भटक रहे है, न उनकी खबर है
और न खुद की|

Comments

2 responses to “दीवाना”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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