4 Comments

  1. ज़िन्दगी की समस्त सच्चाइयों को बयां करती हुई कवि सतीश जी की अति उत्कृष्ट रचना ।जीवन दर्शन करवाती हुई बहुत ही सुन्दर और सच्ची कविता “जिन्दगी है हार भी है जीत भी, संघर्ष भी।
    गर कभी है अवनयन तो है यहां उत्कर्ष भी।”
    वाह, लाजवाब अभिव्यक्ति अति उत्तम लेखन

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