बिना स्वार्थ के दोस्ती,
होती है एक औषधि
जहां स्वार्थ और शर्त है प्यार में,
वो टिकता कहां संसार में
दोस्ती का रिश्ता भी खास है,
दोस्ती केवल दोस्ती ही नहीं,
एक दोस्त का विश्वास है
दोस्ती में प्यार है और प्यार में है दोस्ती
दोस्तों पे अधिकार है,अधिकार में है दोस्ती
________✍️गीता
दोस्ती
Comments
9 responses to “दोस्ती”
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दोस्ती की सटीक परिभाषा देती हुई रचना
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सुन्दर समीक्षा हेतु बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी
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आभार दी
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वाह गीता जी दोस्ती पर बेहद शानदार कविता
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Thank you
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दोस्ती पर सुन्दर कविता
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Thanks seema
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अतिसुंदर
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धन्यवाद भाई जी 🙏
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