दोस्ती

दोस्ती का अजब सा
किस्सा है
दोस्त जीवन का
अहम
हिस्सा है ।

स्वार्थ का
नामोनिशाँ तक
है नहीं ,

जन्म जन्मों का
अमर रिश्ता
है ।

प्रिय मित्रों
वसंती सवेरे की सरस.
घड़ियों में
सपरिवारसहर्ष ,मंगलकामनाएँ
सहर्ष स्वीकार करें ।

आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश

Comments

4 responses to “दोस्ती”

  1. Lucky Avatar

    बहतरीन जी मेरी रचना प्रतियोगिता में है गणतन्त्र में हो सके तो कमेन्ट करें

  2. Abhishek kumar

    Good

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