*****हास्य – रचना***** कछुए और खरगोश की, पांच मील की लग गई रेस तीन मील पर खरगोश ने देखा, कछुआ तो अभी दूर बहुत है थोड़ा सा आराम करूं ना…ना वो सोया नहीं ये पुरानी […]

मुहब्बत में कभी-कभी, घर छूटते हैं मुहब्बत में अक्सर ही, दिल टूटते हैं दोस्ती की देखो, निराली ही शान है दोस्ती के सिर पे, ना कोई इल्ज़ाम है मुहब्बत के मैं, विरुद्ध नहीं, बशर्ते मुहब्बत […]

दोस्तों से कुछ भी, छिपाते नहीं हैं यही दोस्ती का, पहला नियम है छिपाए जाएं गम, खुशी गर दोस्तों से फ़िर वो दोस्ती ही कैसी ये तो नहीं, जानते हम हैं .. *****✍️गीता

दोस्ती ना सही, दुश्मनी तो मत निभाओ। चार बातें बनाकर, यूं ठहाके तो मत लगाओ। यूं तो दिल सबका दुखता है, उसे और ना दुखाओ। माना तुम काबिल हो , अपने मुकाम पर। मगर मेरी […]

बहुत ही ख़ूबसूरत होती है दोस्ती, निज स्वार्थ से ऊपर होती है दोस्ती। कुछ रिश्ते मिलते हैं, हमें जन्म से, कुछ रिश्ते मिलते हैं, समाज की रीत से मगर निज चुनाव पर होती है दोस्ती […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- याराना प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- 🌹🌹याराना🌹🌹 प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

ना गम है ना दर्द है जो बिताया दोस्तों के साथ वो ही सुनहरा वक्त है ना है कोई खून का रिश्ता फिर भी निभाते ये दिलवाले है एक दूसरे में खुश रहते ये मस्त […]

कभी बुलाये प्यार से कभी बुलाये मजाक से ज़िन्दगी की हर घडी ये साथ देती है दोस्ती होती ही ऐसी है दिल होवे गम में तो ये बात करे नरम में छोटी ख़ुशी में भी […]

(आपने अगले पेज में पढा कि, अमित अपनी उलफत की दास्तां अपने दोस्त सुरेश को सुनाया। क्योंकि, अनिता के प्यार में वह पागल हो गया था। सुरेश अमित को किस तरह सही रास्ते पर ला […]

अनिता नाम था। देखने में साँवली सलोनी। उसकी आँखें किसी गहड़ी झील से कम नहीं था। उसकी मुस्कान व अदा का क्या नाम दें, मेरे पास शब्द ही नहीं है। कुदरत ने केवल उससे गोरा […]

फूलों की खुशबू की भाँति महक जाए जीवन की डाली तारों की चाँदनी की भाँति रोशन हो दुनिया तुम्हारी सूरज की तेज़ की भाँति प्रकाश ही प्रकाश हो जीवन मे तुम्हारी नीले अम्बर की चादर […]

hello friends, कहने को तो प्रतिलिपि पर ये दूसरी कहानी है मेरी लेकिन सही मायनो मे ये मेरी पहली कहानी है क्योकि ये मेरे दिल के बहुत करीब है चलिये आपका ज्यादा वक्त जाया नी […]

दोस्ती ऐसा, जैसे खुदा की परस्तिश। दोस्ती में है, बेइंतिहा प्यार की कशिश। दोस्तों की दोस्ती पे है कुर्बान ये जान, हमें अज़ीज़ हैं, अपने सभी मोनिस। देवेश साखरे ‘देव’ परस्तिश- पूजा, मोनिस- दोस्त

*** दोस्ती हो तो ऐसी कि उसके मुक़ाबिल पुश्तैनी दुश्मनी भी फ़ीकी पड़ जाये…. दोस्त के बिना रहा न जाये अगर दोस्त मिल जाए तो कुछ और न भाये…. **** @deovrat 15.09.2019

दोस्ती ईमान है, मजहब है, खुदा है, ना ऐसा कोई रिश्ता, सबसे जुदा है। दोस्ती दवा है, दुआ है, जिंदगी है, डूबते जिंदगी की कश्ती का नाखुदा है। दोस्ती प्यार है, तकरार है, ऐतबार है, […]

यह दोस्ती अनमोल है बेजोड़ है यारों सुनो, तोहफा है भगवान का यारों सुनो, दोस्ती हसीन है महजबीं है यारों सुनो। बांधी हुई एक डोर है यारों सुनो। गमो को पीछे छोड़ दें है वो […]

मेरी दोस्ती पर लिखी ये कविता, दोस्तों को समर्पित ये दोस्ती अल्हड़पन के लंगोटिये, ५० साल से साथ चल रहे हैं दोस्ती की किताब में रोज़, नये अध्याय लिख रहे हैं हमारी दोस्ती जगह, जाति, […]

रेत की जरूरत रेगिस्तान को होती ! सितारो की जरूरत आसमान को होती!!! आप हमे भुल जा कोई गम नही , मै लोहा हूँ मुझे सोना की जरूरत नही होती। मुझे तो मालुम था जब […]

रेत की जरूरत रेगिस्तान को होती ! सितारो की जरूरत आसमान को होती!!! आप हमे भुल जा कोई गम नही , मै लोहा हूँ मुझे सोना की जरूरत नही होती। मुझे तो मालुम था जब […]

दोस्ती का अजब सा किस्सा है दोस्त जीवन का अहम हिस्सा है । स्वार्थ का नामोनिशाँ तक है नहीं , जन्म जन्मों का अमर रिश्ता है । प्रिय मित्रों वसंती सवेरे की सरस. घड़ियों में […]

दोस्ती आपकी इक तौफा थी हमारे लिए। कद्र हमसे ना हुई,जो जुदा इस तरह हुए। हमने भी तो कुछ ,ज्यादा नहीं माँगा था आपसे। इतना सा त्याग कर सके ना आप हमारे वास्ते। महफिल म़े […]

सुख-दुख के अफसाने का, ये राज है सदा मुस्कुराने का, ये पल दो पल की रिश्तेदारी नहीं, ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का, जिन्दगी में आकर कभी ना वापस जाने का, ना जानें […]

आओ, मुझमें नहाओ, डूबकी लगाओ प्यार का सौंधा पानी हाथों में भर कर ले जाओ। आओ, जी भर कर गोता लगाओ, मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ जेबों में भर कर ले जाओ। दोस्ती का दरिया गहरा है, […]

आज फिर एक साथी मुझे छोड़कर चला गया आँखों को रुलाकर चला गया और होंठों को हँसा कर चला गया पूछ बैठा कि नाराज तो नहीं हो जाहिर भी कैसे करता दोस्त था अपना जाते […]