बहुत बड़ा वरदान है, मानव का विग्यान
नए नए होते जहाँ, सदा हि अनुसंधान
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चाकू है विग्यान पर, मारो मत इंसान
तब ही इसको कह सके, है अच्छा वरदान
दोहे =विग्यान
Comments
2 responses to “दोहे =विग्यान”
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विज्ञान के बारे में सुन्दर रचना
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वाह बहुत खूब
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