दो मुक्तक

1- आज दिल में बड़ी हलचल सी मचती रही,

बाद बहुत गौर करने के मालुम हुआ कि-

एक आंसू जो पिया था कल हमने ,

उसने तबाही मचा रखी थी.

2-जबसे नज़र अंदाज़ किया उनको,

उनकी नजरो का अंदाज़ बदलते देखा हमने,

जो रुखसार गुस्से से लाल हो जाया करते थे,

उन्ही रुखसारो को अब शर्म से लाल होते देखा हमने.

 

Comments

3 responses to “दो मुक्तक”

    1. Anil Goyal Avatar
      Anil Goyal

      thanks

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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