धरती माता कह रही, संकट मे संसार
रक्षा हो अस्तित्व की, सब मिल करे विचार
धरती माता कह रही, पर्यावरण सुधार
अभी समय है कीजिए, मत कीजै संहार
धरती माता कह रही, छिद्र हुआ ओजोन
ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ रही, दुखी विश्व सब कोन
भारत माता कह रही, मत समझें फुटबाल
पालन अब तक ज्यों किया, वैसे करिए लाल
धरती माता कह रही, बढ़ता नहीं आकार
जनसंख्या की वृद्धि का, करे नियंत्रण सार
धरती माता कह रही, एटम बम की होड़
से प्रथ्वी का अंत है, जल्दी लाओ तोड़
धरती माता कह रही, संसाधन का मोल
समझ खर्च सीमित करो, ग्यान कि गठरी खोल धरती माता कह रही,
धरती माता कह रही
Comments
3 responses to “धरती माता कह रही”
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वाह
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धरती माता कह रही पर्यावरण हो सुधार सुंदर अभिव्यक्ति
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Nice
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