नज्म कोई मुहब्बत की

न कह मुझसे सुनाने को
नज्म कोई मुहब्बत की
सयाना हो रहा हूँ अब
ज़रा सा शर्म करता हूँ।

Comments

3 responses to “नज्म कोई मुहब्बत की”

  1. वाह वाह बहुत खूब

  2. अतिसुन्दर

  3. बहुत ख़ूब

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