हिंदू पंचांग के अनुसार
आया नव वर्ष हमारा
दुख बीते और सुख आये
है यही संदेश हमारा
है यही विनती हमारी
मिट जाए सबके क्लेश
प्रेम ही प्रेम दिखे चित ओर
ना हो कोई द्वेष
ना हो कोई द्वेष
मिले सब गले लगाकर
मन के मैल धुलें बीती बात भुलाकर ।।
ना हो कोई द्वेष मिले सब गले लगाकर।।
Comments
6 responses to “ना हो कोई द्वेष मिले सब गले लगाकर।।”
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अतिसुंदर
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धन्यवाद
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बहुत अच्छा लिखा है आपने
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धन्यवाद
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👌👌👌
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धन्यवाद
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