न्याय

न्याय जरूर करेगी
यहाँ की अदालत,
गर अपना पक्ष रख सकेगा मन,
अन्यथा ऊपर रब की अदालत
है तो सही,
वो न्याय दे देगी,
यदि मन उस पर लगा सकेगा लगन।

Comments

3 responses to “न्याय”

  1. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ

  2. Rajeev Ranjan Avatar
    Rajeev Ranjan

    sunder sach—bahut khoob

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