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  1. काम जुगनू से न चल पायेगा,
    कभी चमकता कभी बुझता सा
    ये नहीं राह दिखा पायेगा।
    दबा ले स्विच जगा ले बत्ती को
    ये बत्ती हो मन की ऊर्जा की,
    ____________ पाठक के मन में प्रेरणा और उत्साह जगाते हुए कवि सतीश जी की अति श्रेष्ठ रचना, लाजवाब अभिव्यक्ति एवम् उच्च स्तरीय लेखन

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