पतन
हाँ पतन
पतन की शुरुआत
कब होती है ,
जब घमंड की
पराकाष्ठा होती है,
जब अपने से
काबिल कोई
नहीं दिखता है
आँख में
पट्टी बंधी होती है।
जब व्यक्ति दूसरे की
गुणवत्ता पर
परोक्ष रूप से
हमला करता है
या करवाता है,
पतन की शुरुआत
तब होती है।
जब व्यक्ति योग्यता से
आगे बढ़ने की बजाय
दूसरों पर तंज कसता है
या कसवाता है,
दूसरे की लोकप्रियता पर
परेशान हो उठता है,
पतन की शुरुआत
तब होती है।
पतन
Comments
4 responses to “पतन”
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वाह बहुत ही सहज तरीके से सत्य लिखा है आपने
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बात थोड़ी कड़वी है मगर बिल्कुल सत्य
बहुत हीबेहतरीन प्रस्तुति -
Sunder
-
Inspirational
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