जो दिखता नहीं
पर हर घङी
अपने होने का आभास
हमें कराता है ।
जैसे ही गर्वित हो
बहकने को होते हैं
एक हल्की सी चोट दे
रास्ता बताता है ।
इसी तरह करूणा की
ज्योत जगाए रखना
हे प्रभु! भटकने से पहले
सही की पहचान बताते रहना!
पहचान बताते रहना
Comments
4 responses to “पहचान बताते रहना”
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उम्दा भाव
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सादर आभार
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अतिसुंदर भाव
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सादर आभार
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