पहले कर्तव्य

पहले करे कर्तव्य फिर अधिकार लीजिए
कर्मो की है प्रधानता संसार लीजिए
काटेंगे फसल कल बोयेगे बीज आज
कुछ प्यार लीजिए कुछ प्यार दीजिए

Comments

2 responses to “पहले कर्तव्य”

  1. अति सुंदर

Leave a Reply

New Report

Close