पागल

किसी के जुल्फ का उठता हुआ बादल बुलाता है,
अब तुम्हारी याद में खोकर कोई पागल बुलाता है !
चले आये हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम,
अब उसके आँख का निकलता काजल बुलाता है !!

Comments

5 responses to “पागल”

  1. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

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