2 Comments

  1. पिता जीवन का मूल है,
    हमारा जीवन उनके
    चरणों की धूल है,
    पिता के बिना अपने अस्तित्व की
    कल्पना करना सबसे बड़ी भूल है।
    ……… पिता पर लिखी गई कवि सतीश जी की अति उत्कृष्ट रचना…. एकदम सच्ची पंक्तियाँ, बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. उच्च स्तरीय लेखन

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