था प्यार करने से पहले रंगीन ज़माना।
प्यार करके बनाया गमगीन जमाना।।
न भूख रही न हीं प्यास रहा
हर पल तुम्हारा आभाश रहा
अब तो अपना हुआ एक दो तीन जमाना।
प्यार करके बनाया गमगीन जमाना।।
प्यार किया नहीं चोरी करी
दुनियां मेरे क्यों पीछे पड़ी
बदनाम किया नामचीन जमाना।
प्यार करके बनाया गमगीन जमाना।।
प्यार करना है साहस का काम यारों
प्यार के रास्ते में ना होना नाकाम यारों
विनयचंद होगा फिर से रंगीन ज़माना।
प्यार की दुनिया
Comments
6 responses to “प्यार की दुनिया”
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👌
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वाह
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Jai ho
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Nice
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Good
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बेहद
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