गुलो की क्या बात कहु
तुमसे ज्यादा खुशबू उनमे नहीं
सुनता बस तुम्हारी
फिर भी कहती सुनते नहीं
छोटे छोटे झगड़े हमारे
खतम कभी होते नहीं
प्यार जन्मो से है
खोखले रिश्तो से नहीं
प्यार रूहों से करने वाले
बाते जिस्मो की करते नहीं
प्यार
Comments
5 responses to “प्यार”
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Bahut khub
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धन्यवाद
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वाह बहुत सुंदर रचना
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💚💚💚
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वाह
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