उलझन भड़ी ज़िन्दगी को सरल लिख रहा हूँ।
तुम्हारे प्यार को ज़ुबान -ए-गजल लिख रहा हूँ।।
एक गुनगुनाहट भड़ी आवाज़ देकर ऐ प्रीतम
तेरी वफाओं के दास्तान -ए-फजल लिख रहा हूँ।।
फजल
Comments
9 responses to “फजल”
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Wah
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Thanks
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Nice🌺
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Thanks
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Nice
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Wah
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Nyc
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Thanks
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Nice
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