फितरत

उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी
रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो,

हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी
हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!

Comments

3 responses to “फितरत”

  1. Anirudh sethi Avatar

    कमाल तो उनकी हर बात में था
    इक हुनर था हमारा जो किसी काम का न था

  2. D K Avatar
    D K

    होता नहीं ये हर किसी का शिद्दत से चाहने के बाबजूद,
    बस यही एक अजीब दास्तान है इस मोहोब्बत की………………!!

  3. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

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