फिदरत

लिबास की तरह बदलती तेरी फिदरत
सब जानते हुए भी भूल ना पाए.. रूह मे बस चुकी थी तू

Comments

4 responses to “फिदरत”

  1. फितरत होना चाहिए था सर
    प्रेम पर सुंदर अभिव्यक्ति

Leave a Reply

New Report

Close