पिछले कुछ दिनों से
फिर आ रही है उनकी याद
उसकी याद में दर्द है और
थोड़ी सी प्यास
भूल तो गए थे हम
दो-चार लोगों से मिलकर उसे,
पर अब वो लोग ही ना रहे तो
फिर आ रही है उनकी याद।
जीने के लिए तो बस एक बहाना चाहिए,
होठों पर हंसी हो और आंखों में आस।
जीते जी हम तुम्हें पा लेंगे यह अरमा उठा है दिल में,
क्योंकि ऐ दिल! फिर आ रही है उनकी याद।।
“फिर आ रही है उनकी याद”
Comments
2 responses to ““फिर आ रही है उनकी याद””
-
बहुत खूब
-

बहुत-बहुत धन्यवाद
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.